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| Product ID | GDN675 |
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| Availability: | In Stock |
| Brand | Vithi Organics Store |
पंचगव्य नस्य (Panchgavya Nasya) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें गाय से प्राप्त पाँच प्रमुख तत्व—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—को विशेष जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर नाक के माध्यम से दिया जाता है। यह उपचार सिरदर्द, साइनस, एलर्जी, अनिद्रा, कमजोर स्मरण शक्ति और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है। नस्य के माध्यम से यह औषधि सीधे नाक के रास्ते मस्तिष्क और इंद्रियों को पोषण प्रदान करती है, जिससे मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
पंचगव्य: गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर (गोमय रस)
जड़ी-बूटियाँ (संयोजन अनुसार): वच, इलायची, त्रिफला (आंवला, हरड़, बहेड़ा), विडंग, मुलेठी (यष्टिमधु), पिप्पली, कुटकी, द्राक्षा, हल्दी, नागरमोथा, शंखपुष्पी, सफेद चंदन आदि
मानसिक स्वास्थ्य: चिंता, तनाव, अवसाद, घबराहट और स्मरण शक्ति की कमजोरी में सहायक
नाक व श्वसन तंत्र: साइनस, एलर्जी, जुकाम, नजला, छींक और खर्राटों में राहत
तंत्रिका तंत्र: लकवा, मिर्गी तथा अन्य तंत्रिका संबंधी विकारों में उपयोगी
अन्य लाभ: अनिद्रा, बाल झड़ना, आंखों और कानों से जुड़ी समस्याओं में भी लाभदायक
सोने से पहले औषधि को हल्का गुनगुना कर प्रत्येक नासिका में 2–2 बूंद डालें
नस्य के बाद 10–15 मिनट तक पीठ के बल लेटें और गर्दन को थोड़ा पीछे की ओर झुकाकर रखें
इस दौरान पानी पीने से बचें